नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिबेटोलॉजी गंगटोक के देवराली इलाके में बौद्ध अध्ययन का केंद्र है। यहाँ संग्रहालय, तिब्बती पुस्तकालय और शोध केंद्र हैं। इसके संग्रह देखने के साथ पास के दो द्रुल चोर्टेन भी जाएँ, जहाँ आप स्तूप की परिक्रमा करते हुए प्रार्थना चक्र घुमा सकते हैं।
- स्थान: देवराली, गंगटोक, सिक्किम
- संस्थान के समय: सोमवार से शनिवार खुला रहता है; रविवार बंद रहता है
- संग्रहालय शुल्क: संग्रहालय और पुस्तकालयों के लिए Rs. 25
- दो द्रुल चोर्टेन के समय: 9:00 am–5:00 pm

नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिबेटोलॉजी की सैर
नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिबेटोलॉजी (NIT) में देवराली स्थित एक ही परिसर में संग्रहालय, तिब्बती पुस्तकालय और शोध केंद्र हैं। 1958 में स्थापित यह संस्थान बौद्ध अध्ययन और तिब्बत, सिक्किम तथा हिमालय पर शोध के लिए समर्पित है।
मुख्य इमारत की भूतल पर बने संग्रहालय से शुरुआत करें। इसके संग्रह में मूर्तियाँ, अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएँ, थंका चित्र और प्राचीन पांडुलिपियों जैसी हिमालयी बौद्ध कला शामिल हैं। प्रदर्शनी कक्ष में मंजुश्री की चाँदी की प्रतिमा और सिक्किम के इतिहास तथा नामग्याल राजवंश को दर्शाने वाले पाँच थंका चित्र हैं।
संग्रहालय के नियमों को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनाएँ: अंदर जाने से पहले जूते उतारना ज़रूरी है और फ़ोटोग्राफ़ी तथा वीडियो बनाने की मनाही है। आम तौर पर सरकारी छुट्टियों में संग्रहालय बंद रहता है। पर्यटन के व्यस्त मौसम में यह सिक्किम सरकार की छुट्टियों पर भी खुला रहता है।
खुलने का समय
- सोमवार से शनिवार: 10:00–16:00
- रविवार: बंद
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।

दो द्रुल चोर्टेन के बारे में जानने योग्य बातें
दो द्रुल चोर्टेन देवराली में NIT के पास स्थित एक स्तूप है। इसके चारों ओर बने 108 मणि लखोर, यानी प्रार्थना चक्र, इसकी खास पहचान हैं।
पूज्य त्रुलशी रिनपोछे ने 1945 में इस चोर्टेन का निर्माण करवाया था। इसमें दोरजे फुरबा मंडल, किंग्गा ग्युर धर्मग्रंथों का संग्रह, मंत्र और अन्य धार्मिक वस्तुएँ हैं। यहाँ आने वाले लोग स्तूप की दक्षिणावर्त परिक्रमा करते हुए प्रार्थना चक्र घुमा सकते हैं। यहाँ आने का समय 9:00 am–5:00 pm है।
अलग से किसी मठ की सैर करना चाहें, तो गंगटोक से रुमटेक मठ तक का रास्ता तय कर सकते हैं।
दोनों जगहों के बीच कैसे जाएँ?

NIT और दो द्रुल चोर्टेन, दोनों देवराली में हैं और चोर्टेन संस्थान के पास बताया जाता है। दोनों जगहों को एक सांस्कृतिक सैर में शामिल किया जा सकता है, हालाँकि इनके बीच पैदल पहुँचने में लगने वाले समय की पक्की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दो द्रुल चोर्टेन गंगटोक से लगभग 1 किमी दूर है। बाज़ार और होटलों से आरक्षित या स्थानीय टैक्सी मिल जाती हैं। NIT, ग्रीनडेल रेसिडेंस से लगभग 19 मिनट की पैदल दूरी पर है।
दिन की सैर में गंगटोक का मध्य क्षेत्र भी शामिल किया जा सकता है।

यात्रियों के लिए शिष्टाचार और फ़ोटोग्राफ़ी
NIT के संग्रहालय में जाने से पहले जूते उतारें और कैमरा तथा वीडियो उपकरण इस्तेमाल न करें। दो द्रुल चोर्टेन में स्तूप की दक्षिणावर्त परिक्रमा करें और श्रद्धापूर्वक प्रार्थना चक्र घुमाएँ।
दोनों जगहों पर समय बिताने का अनुभव अलग है: संस्थान में संग्रहालय की वस्तुओं और बौद्ध अध्ययन पर ज़ोर है, जबकि चोर्टेन में स्तूप की शांत परिक्रमा की जा सकती है। गंगटोक की सांस्कृतिक सैर में इन दोनों के साथ शहर के मध्य क्षेत्र के आकर्षण, जैसे एमजी मार्ग और लाल बाज़ार, भी शामिल कर सकते हैं।
यात्रा से पहले पहुँच संबंधी जानकारी जाँचें
खासकर पर्यटन के व्यस्त मौसम में NIT के समय और वहाँ पहुँचने से जुड़ी जानकारी बदल सकती है। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें। यदि आपकी यात्रा रविवार या सरकारी छुट्टी के दिन है, तो संग्रहालय खुला है या नहीं, इसकी पुष्टि कर लें।
दो द्रुल चोर्टेन में प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगता और यहाँ 20 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग उपलब्ध है। दिन की सैर की विस्तृत योजना के लिए गंगटोक में एक दिन की योजना कैसे बनाएँ पढ़ें, जिसमें शहर के मध्य क्षेत्र के आकर्षण और नज़ारे देखने की जगहें शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिबेटोलॉजी कहाँ है?
NIT भारत के सिक्किम राज्य में गंगटोक के देवराली इलाके में है।
क्या NIT के संग्रहालय के अंदर तस्वीरें ले सकते हैं?
नहीं। संग्रहालय में फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियो की मनाही है। अंदर जाने से पहले जूते भी उतारने होते हैं।
दो द्रुल चोर्टेन के चारों ओर कितने प्रार्थना चक्र हैं?
स्तूप के चारों ओर 108 मणि लखोर, यानी प्रार्थना चक्र, हैं।
क्या दो द्रुल चोर्टेन में प्रवेश शुल्क लगता है?
यहाँ प्रवेश के लिए टिकट नहीं लगता।
