नाथू ला दर्रा गंगटोक से लगभग 56 किमी दूर, ऊँचाई पर स्थित एक पहाड़ी दर्रा है। वहाँ तक जाने वाला रास्ता त्सोमगो झील से होकर गुज़रता है। यात्रा के लिए परमिट ज़रूरी है और भारतीय नागरिकों तथा विदेशी यात्रियों के लिए पहुँच के नियम अलग-अलग हैं। दिनभर की यात्रा की योजना बनाने से पहले ज़रूरी शर्तें जाँच लें।
- स्थान: गंगटोक से लगभग 56 किमी दूर, 14,450 फीट की ऊँचाई पर।
- रास्ता: नाथू ला जाने वाला मार्ग त्सोमगो झील से होकर गुज़रता है।
- परमिट के दिन: परमिट मंगलवार से रविवार तक जारी किए जाते हैं; सोमवार को “नाथू ला बंद दिवस” माना जाता है।
- कौन जा सकता है: नाथू ला के परमिट केवल भारतीय नागरिकों को मिलते हैं।

नाथू ला दर्रा कहाँ है
नाथू ला दर्रा गंगटोक से लगभग 56 किमी दूर, 14,450 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। गंगटोक से जाने वाला रास्ता त्सोमगो झील से होकर गुज़रता है। यानी झील दर्रे तक पहुँचने के रास्ते का हिस्सा है, वहाँ जाने का कोई अलग मार्ग नहीं।
1962 में बंद होने से पहले यह दर्रा भारत और तिब्बत के बीच एक अहम गलियारा था। गंगटोक ज़िला प्रशासन यहाँ के दर्शनीय स्थलों में भारत-चीन सीमा युद्ध स्मारक और सेना का प्रदर्शनी केंद्र शामिल करता है।
गंगटोक से नाथू ला कैसे पहुँचें?

गंगटोक से नाथू ला जाने वाला रास्ता त्सोमगो झील से होकर गुज़रता है और दर्रा शहर से लगभग 56 किमी दूर है। गंगटोक ज़िला प्रशासन के अनुसार, गंगटोक एसएनटी बस स्टेशन से इसकी दूरी 58 किमी है।
56 किमी के इस रास्ते का शुरुआती पड़ाव गंगटोक है। यहीं आपको ग्रीनडेल रेज़िडेंस भी मिलेगा। त्सोमगो झील जाने के अपने पहुँच संबंधी नियम और परमिट की शर्तें हैं। यह मानकर न चलें कि झील का परमिट दोनों जगहों के लिए मान्य होगा; अपनी योजना नाथू ला की यात्रा के हिसाब से बनाएँ।
गंगटोक ज़िला प्रशासन के अनुसार, नाथू ला पूरे सप्ताह सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है। हालांकि, राज्य के परमिट संबंधी दिशा-निर्देशों के मुताबिक परमिट मंगलवार से रविवार तक जारी किए जाते हैं और सोमवार को “नाथू ला बंद दिवस” माना जाता है। सोमवार को पहुँच की पुष्टि परमिट जारी करने वाले कार्यालय या अपनी एजेंसी से करें और जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें। नाथू ला में पार्किंग, स्मृति-चिह्नों की दुकानें, कैफ़ेटेरिया, होटल और सड़क किनारे के विक्रेता जैसी पर्यटन सुविधाएँ हैं।
नाथू ला का परमिट कौन ले सकता है और किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत है?

नाथू ला के परमिट केवल भारतीय नागरिकों को एक दिन की यात्रा के लिए दिए जाते हैं; विदेशी पर्यटकों को त्सोमगो झील से आगे जाने की अनुमति नहीं है। घरेलू यात्रियों को पर्यटन विभाग और पुलिस जाँच चौकी से विशेष परमिट लेना होगा।
परमिट मंगलवार से रविवार तक जारी किए जाते हैं। आवेदन किसी पंजीकृत ट्रैवल एजेंसी के ज़रिए जमा करना होता है: नाथू ला का परमिट पर्यटन विभाग जारी करता है, जबकि वाहन का परमिट पुलिस जाँच चौकी से मिलता है।
यात्रा से एक दिन पहले ज़रूरी और वैध दस्तावेज़ों के साथ आवेदन जमा करें। पर्यावरण शुल्क का भुगतान स्टेट बैंक ऑफ सिक्किम की बैंक रसीद के ज़रिए करना होगा। आवेदन देने से पहले अपनी पंजीकृत एजेंसी से दस्तावेज़ों और भुगतान की मौजूदा शर्तों की पुष्टि कर लें।
मौसम, ऊँचाई और सड़क से पहुँच के बारे में क्या जानें?

नाथू ला 14,450 फीट की ऊँचाई पर है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय ऊँचाई को ध्यान में रखना ज़रूरी है। सड़क त्सोमगो झील से होकर जाती है और दर्रे तक पहुँचना इसी पहाड़ी मार्ग पर आवाजाही की स्थिति पर निर्भर करता है।
खुलने के समय और परमिट संबंधी जानकारी से यह पूरी तरह तय नहीं होता कि आपकी चुनी हुई तारीख पर वहाँ पहुँचना संभव होगा या नहीं। निकलने से पहले परमिट जारी करने वाले कार्यालय या अपनी पंजीकृत ट्रैवल एजेंसी से मौजूदा व्यवस्था की पुष्टि करें, खासकर अगर आप सोमवार को जाने की सोच रहे हैं।
नाथू ला की यात्रा त्सोमगो झील की यात्रा से कैसे अलग है?
नाथू ला और त्सोमगो झील अलग-अलग दर्शनीय स्थल हैं और वहाँ पहुँचने के नियम भी अलग हैं, भले ही दर्रे तक जाने वाला रास्ता झील से होकर गुज़रता हो। नाथू ला का परमिट केवल भारतीय नागरिकों को मिलता है, जबकि राज्य के अनुसार त्सोमगो झील भारतीय और विदेशी—दोनों तरह के नागरिकों के लिए खुली है।
त्सोमगो झील जाने वाले विदेशी यात्रियों के समूह में कम-से-कम दो लोग होने चाहिए और उन्हें पंजीकृत ट्रैवल एजेंसी के ज़रिए परमिट के लिए आवेदन करना होगा। त्सोमगो झील सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक खुली रहती है और सभी यात्रियों के लिए विशेष परमिट ज़रूरी हैं। गंगटोक से त्सोमगो झील की अलग गाइड में परमिट, रास्ते और समय की जानकारी पाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नाथू ला दर्रा कितनी ऊँचाई पर है?
नाथू ला दर्रा 14,450 फीट की ऊँचाई पर है।
क्या विदेशी पर्यटक नाथू ला जा सकते हैं?
नहीं। नाथू ला के परमिट केवल भारतीय नागरिकों को मिलते हैं; विदेशी पर्यटकों को त्सोमगो झील से आगे जाने की अनुमति नहीं है।
क्या त्सोमगो झील का परमिट नाथू ला के लिए भी मान्य है?
दोनों दर्शनीय स्थलों के लिए परमिट की अलग-अलग शर्तें हैं। घरेलू यात्रियों को नाथू ला के लिए विशेष परमिट चाहिए और त्सोमगो झील जाने वाले यात्रियों को भी विशेष परमिट लेना होगा।
नाथू ला दर्रे का इतिहास क्या है?
1962 में बंद होने से पहले नाथू ला भारत और तिब्बत के बीच एक अहम गलियारा था।
